कवर्धा (कबीरधाम): भोरमदेव अभयारण्य में शुरू हुई जंगल सफारी, इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा) स्थित भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य में जंगल सफारी की शुरुआत हो गई है। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना, स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाना और पर्यटकों को वन्यजीवों व प्राकृतिक सुंदरता से रूबरू कराना है।
नई शुरू हुई यह सफारी लगभग 34 किलोमीटर लंबे रूट पर संचालित होगी, जिसमें घने जंगल, झरने और पहाड़ी क्षेत्र शामिल हैं। इस दौरान पर्यटक दुर्दुरी जलप्रपात और बावापारा के 360 डिग्री व्यू प्वाइंट जैसे प्रमुख स्थलों का भी आनंद ले सकेंगे।
प्रारंभिक चरण में सफारी के लिए छह-सीटर वाहनों की व्यवस्था की गई है और ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही आगे चलकर ईको-कॉटेज, नेचर ट्रेल और गाइडेड टूर जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
इस परियोजना के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। स्वयं सहायता समूहों द्वारा ‘वनांचल रसोई’ जैसे प्रयास भी शुरू किए जाएंगे, जिससे स्थानीय व्यंजन और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलेगा।
यह अभयारण्य जैव विविधता से समृद्ध है और मध्य प्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क तथा छत्तीसगढ़ के अचनाकमार टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण वन्यजीव कॉरिडोर का हिस्सा भी है, जिससे वन्यजीव संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
सफारी की शुरुआत के साथ ही भोरमदेव क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।






