रायपुर/नई दिल्ली: महानदी जल विवाद मामले में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच एक अहम प्रगति सामने आई है। दोनों राज्यों ने मिलकर तैयार की गई संयुक्त रिपोर्ट महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण के समक्ष प्रस्तुत कर दी है, जिसे इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रिपोर्ट में महानदी नदी में पानी की उपलब्धता, प्रवाह और भंडारण से जुड़ा विस्तृत डेटा शामिल है। इसमें मानसून और गैर-मानसून दोनों अवधियों के जल प्रवाह की जानकारी दी गई है, जिससे पानी के वास्तविक उपयोग और उपलब्धता का आकलन किया जा सके।
इस संयुक्त तकनीकी रिपोर्ट को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों—छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव साय और ओडिशा के मोहन चरण माझी—की मंजूरी भी मिल चुकी है। न्यायाधिकरण ने दोनों राज्यों के सहयोगात्मक रुख की सराहना करते हुए इसे विवाद समाधान की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया है।
बताया जा रहा है कि न्यायाधिकरण ने पहले ही दोनों राज्यों को अंतिम अवसर दिया था कि वे आपसी सहमति से समाधान का रास्ता निकालें। ऐसे में यह संयुक्त रिपोर्ट आगे की सुनवाई और निर्णय प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएगी।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 मई को निर्धारित की गई है, जिसमें जल बंटवारे को लेकर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
महानदी जल विवाद छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच वर्षों से चल रहा है, जिसमें मुख्य मुद्दा नदी के जल बंटवारे और ऊपरी क्षेत्र में बनाए गए बांधों के प्रभाव को लेकर है।






