महासमुंद जिले में करीब 1.5 करोड़ रुपए के एलपीजी गैस घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, सहायक खाद्य अधिकारी मनीष यादव और गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने जब्त किए गए गैस टैंकरों से गैस निकालकर बाजार में बेच दी थी।
जानकारी के अनुसार दिसंबर 2025 में सिंघोड़ा पुलिस ने बिना वैध दस्तावेजों के 6 एलपीजी कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया था। इन टैंकरों में करीब 90 मीट्रिक टन गैस भरी हुई थी। बाद में सुरक्षा के नाम पर इन टैंकरों को ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स प्लांट में रखा गया, जहां से कथित तौर पर गैस की हेराफेरी की गई।
जांच में सामने आया कि मार्च से अप्रैल 2026 के बीच टैंकरों से गैस निकालकर अलग-अलग एजेंसियों और प्लांटों को बेचा गया। पुलिस को रिकॉर्ड जांच में बड़ी गड़बड़ी मिली। दस्तावेजों के अनुसार कंपनी ने 47 टन गैस खरीदी, लेकिन 107 टन गैस की बिक्री दिखाई गई। इससे करीब 60 टन गैस की अवैध बिक्री का खुलासा हुआ।
पुलिस ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के संचालक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश जारी है। पुलिस ने मामले में गैर जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए जांच तेज कर दी है।






