सेवाकाल के दौरान राजपत्रित अधिकारी से वेतन वसूली नहीं कर सकती सरकार: हाई कोर्ट
बिलासपुर हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि सेवाकाल के दौरान किसी राजपत्रित अधिकारी से अधिक वेतन भुगतान के नाम पर वसूली नहीं की जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि अतिरिक्त भुगतान विभागीय त्रुटि के कारण हुआ है और कर्मचारी की ओर से किसी प्रकार की धोखाधड़ी या गलत जानकारी नहीं दी गई है, तो वसूली करना उचित नहीं होगा।
मामले में याचिकाकर्ता डीएसपी ने विभाग द्वारा जारी रिकवरी आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया था कि विभाग ने पूर्व में वेतन निर्धारण में गलती की और बाद में उसी राशि की वसूली शुरू कर दी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि कर्मचारी को बिना उचित अवसर दिए रिकवरी की कार्रवाई की गई, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि लंबे समय बाद वेतन वसूली से कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी होती है। अदालत ने यह भी माना कि विभागीय त्रुटि का भार कर्मचारी पर नहीं डाला जा सकता। इसके बाद कोर्ट ने संबंधित रिकवरी आदेश पर रोक लगा दी।






