अंधविश्वास में युवती की हत्या मामले में महिला को उम्रकैद
छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास से जुड़े हत्या के एक गंभीर मामले में अदालत ने महिला आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला तथाकथित ‘झाड़-फूंक’ और faith healing के नाम पर की गई हत्या से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला ने एक युवती की हत्या अंधविश्वास के प्रभाव में आकर की थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आरोपी ने झाड़-फूंक के बहाने पीड़िता के साथ अमानवीय व्यवहार किया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।
अदालत ने इस कृत्य को बेहद गंभीर मानते हुए कहा कि अंधविश्वास के नाम पर इस तरह की घटनाएं समाज के लिए खतरनाक हैं और ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
यह मामला एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और उसके दुष्परिणामों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और कड़ी कानूनी कार्रवाई दोनों जरूरी हैं।






