छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को राहत की तैयारी: DPI तैयार कर रहा नया TET प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग (DPI) ने राज्य के कार्यरत शिक्षकों को राहत देने के लिए एक नया प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है, जिसमें Teachers Eligibility Test (TET) से जुड़े नियमों में कुछ ढील या संशोधन की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह पहल सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देश के बाद की जा रही है, जिसमें कहा गया है कि नई नियुक्तियों और प्रमोशन के लिए TET अनिवार्य होगा, और कुछ परिस्थितियों में सेवा में कार्यरत शिक्षकों को भी निर्धारित समय में TET पास करना होगा।
क्या है प्रस्ताव का उद्देश्य?
DPI का यह नया प्रस्ताव मुख्य रूप से उन शिक्षकों को राहत देने पर केंद्रित है जो:
पहले से लंबे समय से सेवा में हैं
जिनकी नियुक्ति उस समय हुई थी जब TET अनिवार्य नहीं था
और जिन पर अब नई शर्तों का प्रभाव पड़ रहा है
सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि अनुभवी शिक्षकों को संक्रमण काल (transition period) में कैसे राहत दी जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था पर असर न पड़े।
क्यों जरूरी हुआ यह कदम?
हाल के न्यायिक निर्णयों के बाद देशभर में TET को लेकर स्थिति सख्त हुई है। इसके चलते कई राज्यों में हजारों शिक्षकों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी को देखते हुए छत्तीसगढ़ DPI वैकल्पिक व्यवस्था और नीति संशोधन पर काम कर रहा है।
आगे क्या होगा?
यह प्रस्ताव फिलहाल प्रारंभिक चरण में है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार और संबंधित उच्च स्तर की समितियों के पास भेजा जाएगा। उसके बाद ही साफ होगा कि शिक्षकों को कितनी और किस तरह की राहत मिलेगी।
👉 कुल मिलाकर, यह कदम राज्य के कार्यरत शिक्षकों के लिए संभावित राहत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।






