आयुष्मान योजना के नाम पर मरीज परेशान, बिलासपुर में इलाज कराना बना बड़ी चुनौती
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराना गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। निजी अस्पतालों में योजना का लाभ केवल कागजों और प्रचार तक सीमित दिखाई दे रहा है। मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक कई निजी अस्पताल बीमारियों और सरकारी पैकेज की जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। इससे मरीजों को यह तक पता नहीं चल पा रहा कि कौन-सा इलाज आयुष्मान योजना में शामिल है और कौन-सा नहीं। इलाज से इनकार और अतिरिक्त रकम मांगने जैसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
जानकारों के अनुसार पहले भी कई बीमारियों को निजी अस्पतालों के आयुष्मान पैकेज से बाहर किया जा चुका है, जिसके कारण मरीजों का बोझ सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा है। संसाधनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते गरीब परिवारों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा।
स्वास्थ्य योजना का लाभ आम लोगों तक सही तरीके से पहुंचे, इसके लिए पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने की मांग तेज हो गई है।






