कोरबा में शिक्षा व्यवस्था पर संकट: 40 शिक्षक छात्रावासों में अटैच, 170 स्कूलों में एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई
कोरबा जिले में नए शैक्षणिक सत्र से पहले शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है। जिले के 40 शिक्षकों को आश्रम और छात्रावासों में अधीक्षक के रूप में अटैच किए जाने के कारण पहले से मौजूद 121 एकल शिक्षकीय स्कूलों की संख्या बढ़कर लगभग 170 तक पहुंचने की आशंका है। इससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, आदिवासी विकास विभाग के छात्रावासों और आश्रमों में स्थायी अधीक्षकों की कमी के चलते शिक्षकों की ड्यूटी वहां लगाई गई है। इसके कारण कई स्कूलों में केवल एक शिक्षक बचा है, जबकि कुछ स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी हो गई है। शिक्षा विभाग के सामने अब विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।
शिक्षक संगठनों और अभिभावकों ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने सरकार से छात्रावासों में नियमित अधीक्षकों की नियुक्ति कर शिक्षकों को वापस स्कूलों में भेजने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एकल शिक्षकीय स्कूलों की बढ़ती संख्या शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर डाल सकती है और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को प्रभावित कर सकती है।






