अपराधियों को सजा दिलाने बिलासपुर IG की नई पहल, 200 पुलिसकर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेंज में अपराधियों को सख्त सजा दिलाने और गंभीर मामलों की जांच को मजबूत बनाने के लिए पुलिस विभाग ने नई पहल शुरू की है। इसी कड़ी में करीब 200 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को “डाइंग डिक्लेरेशन” से जुड़े कानूनी प्रावधानों और प्रक्रिया का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
बताया गया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य हत्या, दुर्घटना और गंभीर अपराधों के मामलों में पीड़ित के अंतिम बयान को कानूनी रूप से मजबूत तरीके से दर्ज करना है, ताकि अदालत में अपराधियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।
बिलासपुर आईजी की पहल पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को बताया गया कि डाइंग डिक्लेरेशन दर्ज करते समय किन कानूनी बिंदुओं और सावधानियों का पालन जरूरी है। साथ ही केस डायरी, साक्ष्य संकलन और कोर्ट में प्रस्तुतीकरण को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में तकनीकी त्रुटियों के कारण अपराधियों को राहत मिल जाती है। ऐसे में पुलिस जांच को और अधिक प्रोफेशनल और प्रभावी बनाने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है।
पुलिस विभाग का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से जांच की गुणवत्ता बेहतर होगी और गंभीर अपराधों में दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने में मदद मिलेगी।






