फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लिए दुर्ग के 25 गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री पर रोक
भिलाई। प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को लेकर दुर्ग जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से दुर्ग, पाटन और भिलाई-3 तहसील के 25 गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री सहित विभिन्न भूमि संबंधी लेन-देन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्रों में भूमि का विक्रय, हस्तांतरण, नामांतरण, खाता विभाजन और अन्य राजस्व संबंधी प्रक्रियाएं प्रशासन की अनुमति के बिना नहीं की जा सकेंगी। जिला प्रशासन का कहना है कि परियोजना की घोषणा के बाद जमीनों की अंधाधुंध खरीद-फरोख्त और कृत्रिम रूप से भूमि मूल्य बढ़ाने जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक यह प्रतिबंध अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। यदि किसी विशेष परिस्थिति में भूमि संबंधी कार्य आवश्यक हो, तो संबंधित पक्ष को कलेक्टर कार्यालय से अनुमति लेनी होगी। प्रशासन परियोजना से जुड़े विभागों से अभिमत प्राप्त करने के बाद ही निर्णय करेगा।
फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को क्षेत्र में माल परिवहन की क्षमता बढ़ाने और औद्योगिक विकास को गति देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। हालांकि, भूमि लेन-देन पर रोक लगने से प्रभावित गांवों के भू-स्वामियों और किसानों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।





