मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना पर सियासत तेज, भाजपा विधायक के विवाह को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि योजना का लाभ ऐसे लोगों को भी दिया जा रहा है जो पात्रता की शर्तों के दायरे में नहीं आते। विवाद उस समय बढ़ा जब भाजपा के एक विधायक के विवाह समारोह को लेकर सवाल उठाए गए और इसे योजना से जोड़कर सरकार पर निशाना साधा गया।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के लिए बनाई गई है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में अनियमितताएं सामने आ रही हैं। पार्टी ने मामले की जांच कराने और पात्रता नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि योजना पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है और सभी लाभार्थियों का चयन निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाता है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बिना तथ्यों के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।
इस विवाद के बाद मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की पात्रता और लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में आ गई है। मामले को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।





