राजनांदगांव (छत्तीसगढ़): पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध समाजसेवी फूलबासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हालांकि पुलिस की सतर्कता से बड़ी वारदात टल गई और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे कुछ लोग उनके घर पहुंचे और एक दिव्यांग महिला से मुलाकात व सेल्फी लेने का बहाना बनाकर उन्हें बाहर बुलाया। जैसे ही वे कार में बैठीं, आरोपियों ने गाड़ी तेज कर दी और उनका अपहरण करने की कोशिश की। इस दौरान उनके हाथ बांध दिए गए और मुंह पर कपड़ा बांध दिया गया ताकि वे मदद के लिए आवाज न उठा सकें।
घटना के दौरान पुलिस चेकिंग अभियान चला रही थी। संदिग्ध कार को रोकने पर पुलिसकर्मियों को शक हुआ। एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई को पहचान लिया, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें सुरक्षित छुड़ा लिया गया।
पुलिस ने इस मामले में तीन से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी पिछले कुछ महीनों से उनके संपर्क में थी और पूरे घटनाक्रम की साजिश पहले से रची गई थी।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अपहरण के पीछे क्या मकसद था और क्या इसमें किसी बड़े गिरोह की भूमिका है।
गौरतलब है कि फूलबासन बाई यादव छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण के लिए जानी जाती हैं और हजारों महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का काम कर चुकी हैं।






