रायपुर/कोलकाता: छत्तीसगढ़ में लागू की गई योजनाओं का असर अब राष्ट्रीय राजनीति में भी दिखने लगा है। हाल ही में पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में भाजपा को मिली बढ़त के पीछे “छत्तीसगढ़ मॉडल” को अहम वजह माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, महिलाओं पर केंद्रित महतारी वंदन योजना जैसे फॉर्मूले ने भाजपा के लिए गेमचेंजर की भूमिका निभाई। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ में लाखों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी मॉडल को पश्चिम बंगाल में रणनीतिक तौर पर अपनाया गया, जिससे महिला मतदाताओं में भाजपा की पकड़ मजबूत हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, इस “छत्तीसगढ़ फॉर्मूले” ने विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस के कैडर और पकड़ को कमजोर करने में भी भूमिका निभाई।
इस रणनीति के चलते भाजपा को चुनाव में अप्रत्याशित सफलता मिली, और यह संकेत भी मिला कि राज्य स्तर की सफल योजनाएं अब राष्ट्रीय राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
वहीं, राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस मॉडल की सफलता से छत्तीसगढ़ के नेताओं की भूमिका और प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हो सकता है।






