12 लाख के मुआवजे के लिए रची साजिश, मृतक की पत्नी को बनाया मकान मालकिन; लेबर कोर्ट ने खारिज किया दावा
बिलासपुर। श्रम न्यायालय में मुआवजे की राशि हड़पने के लिए किए गए एक कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य के दौरान एक मजदूर की मौत के बाद 12 लाख रुपये के मुआवजे का दावा पेश किया गया, लेकिन जांच में दस्तावेज और दावे संदिग्ध पाए जाने पर लेबर कोर्ट ने आवेदन खारिज कर दिया।
जानकारी के अनुसार, मृतक मजदूर की पत्नी को मकान मालकिन बताकर यह साबित करने की कोशिश की गई कि मृतक उसके यहां कार्यरत था। इसी आधार पर कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत मुआवजे की मांग की गई। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों और गवाहों के बयानों में कई विरोधाभास सामने आए।
लेबर कोर्ट ने मामले की जांच के बाद पाया कि मुआवजा प्राप्त करने के लिए तथ्य छिपाए गए और गलत जानकारी प्रस्तुत की गई। अदालत ने इसे फर्जी दावा मानते हुए 12 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग को खारिज कर दिया।
न्यायालय के इस फैसले को फर्जी दस्तावेजों और गलत दावों के जरिए मुआवजा हासिल करने की कोशिशों पर सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।






