बस्तर के इस गांव में लौटी आंखों की रोशनी, स्वास्थ्य अभियान से 10 ग्रामीणों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास और स्वास्थ्य सेवाओं की नई तस्वीर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच की जा रही है। इसी अभियान के दौरान गोगुंडा और आसपास के क्षेत्रों के कई बुजुर्गों की पहचान मोतियाबिंद मरीजों के रूप में की गई, जिन्हें जिला अस्पताल लाकर सफल ऑपरेशन कराया गया।
प्रशासन के अनुसार, जिले में मोतियाबिंद से पीड़ित लोगों की पहचान कर उनका निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक सैकड़ों ऑपरेशन किए जा चुके हैं और जिला अस्पताल में नियमित रूप से सर्जरी की व्यवस्था की गई है। मरीजों को अस्पताल तक लाने, इलाज कराने और वापस गांव पहुंचाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
ऑपरेशन के बाद कई ग्रामीणों की आंखों की रोशनी वापस लौटी है। लाभार्थियों ने बताया कि अब वे अपने परिवार और आसपास की चीजों को साफ देख पा रहे हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर गांवों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है, जिससे बस्तर के ग्रामीणों को बेहतर इलाज मिल सके।






